Sunday, April 14, 2013

जन्म-राशि और व्यक्तित्व (मेष-राशि)..



जन्म राशि वह राशि होती है, जिसमे जन्म के समय चन्द्र स्थित होता है. जन्म राशि को जन्म कुंडली में चन्द्र लग्न भी कहा जाता है. यह चन्द्र लग्न, लग्न कुंडली के समान महत्व रखती है. ज्योतिष में ग्रह और राशियाँ एक दूसरे से जुड़े हुए तत्व है. कोई भी ग्रह, किसी भी व्यक्ति विशेष को सीधे प्रभावित नहीं करता, बल्कि राशियों के माध्यम से प्रभावित करता है. फलित ज्योतिष में राशियों को महत्व दिया जाता है. यह जानना बहुत जरूरी है कि राशियाँ क्या है ?
कुछ ज्योतिष समर्थकों के साथ यह बड़ी समस्या आती है कि जन्म राशि को देखें या नाम राशि पर विचार करें ? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्यक्ति के जीवन का पूरा विवरण उसकी जन्म-कुंडली में वर्णित होता है. जन्म-राशि का उपयोग गोचर फल के जानने के लिए भी किया जाता है इसी के साथ साथ लग्न राशि को भी अत्यधिक महत्ता दी जाति है. नाम राशि अर्थात अक्षर प्रधान राशि को कई विद्वान महत्व देते है. मुहूर्त आदि में इसका प्रयोग अच्छा रहता है. आज इस लेख में जन्म-राशि की चर्चा करेंगे. जन्म-कुंडली स्थित चन्द्र के अनुसार जो आपकी राशि है उस राशि का फल निम्न रूप से देख सकते है.

मेष राशि का स्वामी मंगल है. मंगल अग्नि तत्व प्रधान होता है. अर्थात मेष राशि वाले व्यक्ति दबंग और कुछ क्रोधी भी होते है या यदा कद जिद्दी भी होते है.यह स्फूर्तिवान व उच्काकांक्षी होते है. अनुशासन व व्यवस्था बनाएं रखना इनकी प्रकृति होती है. बाल की खाल निकालने वाले, ऐसे व्यक्तियों की मन की थाह लेना मुश्किल होता है.
मेष राशि वाले माध्यम कद के अक्सर होते है.इनका चेहरा लंबा व लाल रंग का होता है.स्वभाव से स्वतंत्र विचारों वाले व स्पष्ट वक्ता होते है, इनके दांत चमकीले और पुष्ट होते है. नेत्र चंचल और दृष्टि तीव्र होती है. जोखिम के कार्य करने में माहिर व हमेशा प्रसन्न रहते है. भूरे मिश्रित बाल व दृढ शरीर के होते है.
मेष राशि वाले व्यक्तियों के स्वभाव में तेजस्विता का भाव विद्यमान रहता है. दूसरों की हकूमत इन्हें बिलकुल भी पसंद नहीं होती है. इस राशि वाले दूसरों के अधीन रह कर विकास के कार्य नहीं कर सकते, स्वतंत्र कार्य करने में ही इनको सफलता प्राप्त होती है. अपने भावों पर नियंत्रण करना इस राशि वालों के लिए अत्यंत आवश्यक होता है. मेष राशि वाले अपने गुणों से इच्छित उन्नति प्राप्त करने में सक्षम हो सकते है.
इस राशि वाले जो भी कार्य हाथ में लेते है, उसे शीघ्र ही समाप्त करने के इच्छुक रहते है. कई बार जीवन में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, परन्तु दृढ़ता व अपनी इच्छा शक्ति से समाधान कर लेते है. अपनी प्रवृत्ति में उदारता व सहिष्णुता भी विद्यमान होती है. धर्म और समाजिक रुढियों के प्रति इस राशि वालो के मन में विद्रोह भर जाता है.इसी कारण से यह मध्य मार्ग अपना लेते है. समाज व राजनितिक क्षेत्र में अलग छवि बनाए रखते है. एक क्षण क्षण में प्रसन्न और दूसरे क्षण में अप्रसन्न हो उठना इन राशि वालो की एक विशेषता होती है.
मेष लग्न के व्यक्ति पुलिस, फ़ौज, सर्जन, रसायनशास्त्री, मैकेनिक, इंजीनियर, भूमि व कोर्ट कचहरी, संबंधी कार्य करने में सक्षम होते है और इन्हीं कार्यों में सफलता प्राप्त करते है.
प्रेम के संबंध में मेष राशि वाले सफल रहते है. स्त्रियाँ या पुरुष इनकी ओर स्वयं आकर्षित होने लगते है. कभी कभी प्रेम के विषय में ईर्ष्यालु भी होने लगते है.
मेष राशि के व्यक्तियों का भाग्य उदय 16, 22, 28, 32, एवं 36वें वर्ष में होता है.
मित्र-राशियाँ:- सिंह, तुला और धनु राशियाँ इनकी मित्र होती है.
शत्रु-राशियाँ:- मिथुन, कन्या राशि, यदि इस राशि वाले व्यक्ति इन राशियों के व्यक्तियों में प्रेम व सदभावना रखे तो, शुभ होगा, जो कि उनकी मित्र राशियाँ है. जीवन में सफलता पा सकते है.,
राशि-रत्न:- मूंगा रत्न,
अनुकूल-रंग:- लाल, पीला, गेरुआ,
शुभ-दिन:- मंगलवार, रविवार, वृहस्पतिवार,
अनुकूल-देवता:- शिवजी, भैरव जी, श्री हनुमान जी,
अनुकूल-ग्रह:- सूर्य, वृहस्पति, चन्द्र, व्रत उपवास:- मंगलवार : अनुकूल अंक : 9, अनुकूल तारीखें:- 9, 18, 27,
सकारात्मक तथ्य:- कुटुम्ब को पालने वाले, चुनौती को स्वीकार करने वाले, सदैव क्रियाशील,
नकारात्मक तथ्य:- दम्भी, अधेर्य्शाली, दिशा:- पूर्व, नाम-अक्षर:- चु, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ, प्रायः शनि ग्रह और बुध ग्रह मारकेश होते है, मंगल और वृहस्पति ग्रह शुभ तथा धन प्रदायक होते है.
मेष राशि वालों का अनुकूल रत्न “मूंगा” है. ताम्बे की या सोने की अंगूठी में यह सवा पांच या सवा सात रत्ती का मूंगा अभिमंत्रित कर पहनने से चमत्कारिक लाभ का अनुभव कर सकते है. यह विशेष ध्यान रखे कि रत्न धारण करने से पहले किसी विद्वान ज्योतिषी से सलाह अवश्य प्राप्त करें.

जन्म-राशि और व्यक्तित्व (सिंह-राशि)..



सिंह राशि का स्वामी “सूर्य” ग्रह है. सूर्य ग्रह राजसी होने के साथ साथ एक तेजस्वी औजयुक्त पौरुष का भी प्रतिनिधित्व करता है. इस राशि वाले व्यक्ति निर्भीक, उदार, एवं अभिमानी होते है. यह अग्नि तत्व राशि है. सूर्य आत्मकारक ग्रह होता है. यह आत्मशक्ति का भी कारक ग्रह है.

सिंह राशि के व्यक्तियों का कद मध्यम, हड्डियां मजबूत और मस्तक चौड़ा होता है. शरीर सुगठित, शानदार व्यक्तित्व और रोबीला होता है. इनकी आंखों में विशेष आकर्षण होता है. चेहरा शेर के समान भरा हुआ होता है. यह लोग अपने पुरुषार्थ व अपने पौरुष प्रदर्शन के लिए लालायित रहते है. कुछ हद तक अभिमानी होने के नाते ये नाराज भी जल्दी हो जाते है. अपनी मर्दानगी दिखाने में पीछे नहीं हटते है.
इस राशि के व्यक्ति सामान्यतः सज्जन, विशाल हृदय तथा दूसरों की सहायता करने में तत्पर रहते है. इन्हें अपने मित्रों तथा सम्बन्धियों पर विशवास रहता है.

इनके विचार न्यायप्रियता से पूर्ण होते है. और यह चाहते है कि इनके साथ भी अन्याय ना हो, यह अपने विचारों में दृढ़ व हठी होते है. जब ये व्यक्ति क्रोधित होते है तो, शेर के समान दहाड़ते है. परन्तु क्रोध शीघ्र शांत भी हो जाता है. अहंवादी होने के कारण झुकने की अपेक्षा टूटना अधिक पसंद करते है, चाहे जितने भी तूफ़ान, विघ्न-बाधाए आए, पर ये लोग विचलित नहीं होते है. स्थिरता इनका विशेष गुण होता है.

धार्मिक कार्यों में आप बढ़ चढ़ कर भाग लेते है. मिथ्या पाखण्ड से ये लोग घृणा करते है.ये लोग नास्तिक नहो होते है
आपको भ्रमण या पर्वतीय क्षेत्रों में घूमना अधिक रुचिकर लगता है. ये लोग देव गुरु भक्त पूजक, दानी व सत्पुरुषों के प्रेमी होते है.
इस राशि के व्यक्ति उन भाग्यशाली लोगों में से होते है, जिनका अनुसरण दूसरे लोग करते है. इनमे शासन करने की प्रवृति अधिक होती है. ये व्यक्ति सरकारी क्षेत्रो में कार्यरत होकर अपना अच्छा प्रभुत्व प्राप्त करते है. किसी के भी अधीन यह व्यक्ति कार्य करना पसंद नहीं करते है. राजनीति में विशेषकर रुचि रहती है. ये उच्च नेता, राज्यमंत्री, मूल्यवान वस्तुओं, धातुओं का क्रय-विक्रय, जौहरी का कार्य इनके लिए शुभ और धन वैभव से सम्पूर्ण होते है. इन कार्यों के द्वारा आपका प्रभुत्व, नाम, शौहरत सभी कुछ प्राप्त कर सकते है.
इस राशि वालों को वसीयत के द्वारा धन जायदाद भी मिलने की संभावना रहती है, परन्तु जायदाद बटवारे के कारण संबंधियों से मन मुटाव रहने लगता है. उत्साही होने के कारण इन झंझटों से मुक्त हो जाते है.
इन राशि वालो का वैवाहिक जीवन प्रायः अशांत सा रहता है.क्योंकि घर में शासन करते है. शान्ति तभी स्थापित होती है. जब और प्राणियों का अधिकार माना जायगा.पिता पुत्र में कम ही बन पाती है.
इस राशि वालों को जुआ, सट्टा, लॉटरी का शौक रहता है.शत्रु भी परेशान करते है.परन्तु शत्रु सामने आकार इन लोगो की प्रशंसा करने लगते है. ऐसे लोगो से बचना चाहिए.कई बार इस राशि वाले लोग विरोधियों को भी अपना बना लेते है.
नाम अक्षर:- मा, मी, मु, में, मो, टा, टी, टू, टे,
इस राशि के लोगो का भाग्य उदय:- 23वें वर्ष में होते देखा गया है. आपके जीवन के 32, 41, 50, 68 व 77वां वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण व उन्नतिदायक होता है.
मित्र राशियां:- मिथुन, कन्या, मेष व धनु,
शत्रु राशियां:- बृषभ, तुला, मकर, कुम्भ,
राशि रत्न:- माणिक्य, मूंगा,
अनुकूल रंग:- चमकीला, श्वेत, पीला, भगवा,
अनुकूल देवता:- भगवान सूर्य,
शुभ दिन:- रविवार, बुधवार,
अनुकूल अंक:- 1,
व्रत उपवास:- रविवार,
अनुकूल तारीखें:- 1, 10, 19, 28,
दिशा:- पूर्व,
व्यक्तित्व:- प्रबल पराक्रमी, महत्वाकांक्षी, अधिकारप्रियता,
सकारात्मक तथ्य:- खुले दिलो दिमाग वाला, उदार मन, गर्मजोशी,
नकारात्मक तथ्य:- घमण्डी, अति आत्मविश्वासी, अति महत्व का प्रदर्शन,
आपके लिए अपनी राशि का रत्न पहन कर तथा मित्र राशियों से अनुकूलता रखकर सर्वदा सुख कर रहेगा..

Thursday, March 28, 2013

Happy Holi



May God gift you all the colours of life, colours of joy, colours of happiness, colorus of friendship, colours of love 'n
All other colours you want to Paint in Your life.. !

Happy Holi!

जन्म-राशि और व्यक्तित्व (कन्या-राशि)


कन्या राशि का स्वामी “बुध” है. यह सूर्य का निकटवर्ती ग्रह है.यह पृथ्वी तत्व राशि है. इसका स्वरुप द्विस्वभाव होता है. इनका व्यक्तित्व आकर्षित होता है. शरीर दुबला, भौंहें घनी, सुन्दर शर्मीले स्वभाव के होते है. बुध ग्रह कन्या राशि में उच्च का माना जाता है. यदि कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति ठीक ना हो, तो गुणों में कमी आ जाती है.

बुध एक साम्यवादी ग्रह है. अतः कन्या राशि वाले व्यक्ति पर सोहबत व वातावरण का असर जल्दी पड़ता है.इनका स्वभाव मूल गुण लगभग मिथुन राशि से मेल भी खाते है. इस राशि के लोग अध्ययनशील तथा कई विषयों में ज्ञानार्जन करते है. यह लोग स्फूर्तिवान भी होते है. और वास्तविक अवस्था से उम्र भी कम दिखती है.

कन्या राशि के लोग प्रत्येक कार्य जल्दी जल्दी करने में तत्पर होते है. कोई भी कार्य करने से पहले उसके बारे में ज्यादा विचार नहीं करते है. भावुक होने के कारण भावनाओं पर नियंत्रण नहीं कर पाते है. यह हमेशा द्विस्वपन भी देखते रहते है. सोए सोए अपनी योजनाएं बनाते रहते है.और पूरा होने के बारे में सोचते है. यदि आपको हवाई किले बनाने
वाला कहा जाए तो असत्य नहीं होगा. इस राशि वालो की स्मरणशक्ति गजब की होती है. यह अपने थोड़े से लाभ के लिए दूसरों की बड़ी से बड़ी हानि भी कर सकने में सक्षम होते है. यह यदा कदा स्वार्थी भी हो जाते है. और भावुक होने के कारण निरन्तर संघर्ष करते है. जब हार जाते है तब इनमें हीनता की भावना आ जाती है.
विपरीत योनि के प्रति काफी रुझान पाया जाता है.यदि ये पुरुष है तो, इनमे स्त्रियोचित, सुंदरता, कोमलता, लज्जा एवं वाणी मधुरता पाई जाती है. वैसे भी कहा जाता है कि जिस पुरुष में स्त्रियोचित गुण पाए जाते है वह लोग बहुत ही भाग्यशाली होते है.
इस राशि वालों की धर्म के प्रति सामान्य श्रद्धा रहती है. धार्मिक क्रिया कलापों को श्रद्धापूर्वक संपन्न करने में विश्वास रखते है. मित्र वर्ग से आप सहयोग या सम्मान प्राप्त करते है. सांसारिक महत्व के कार्य सफलता प्राप्त करते है. तथा तीक्ष्ण बुद्धि से समस्या का समाधान भी निकाल लेते है.इनमे तेजस्विता का भाव भी विद्यमान रहता है. अवसर के अनुकूल उग्रता के भाव यत्नपूर्वक त्याग देते है. उदारता के भाव उत्पन्न कर लेने में सक्षम होते है.
परिवार में पिता के प्रति मन में पूर्ण श्रद्धा का भाव रहता है. सेवा करने में तत्पर रहते है. बाल्यावस्था में कुछ संघर्षपूर्ण जीवन व्यतीत होता है. परन्तु मध्यमावस्था में इस राशि के लोग पूर्ण सुखी, पुत्र संतति से परिपूर्ण होते है. गृहस्थ जीवन में पूर्ण इईमानदार व कर्तव्य सदैव याद रहता है. सौन्दर्यप्रेमी होने के नाते एक से एक अधिक स्त्रियों से भी संपर्क बनने की स्थिति रहती है. कई बार गृह कलह की स्थिति का सामना करना पड़ जाता है.कई बार दुष्चरित्र स्त्रियों के फंदे में भी फंस सकने की स्थिति बन जाती है. जिससे इन्हें मानसिक कष्ट का घोर सामना करना पड़ता है. एकाकी जीवन यह लोग जी नहीं सकते, इस राशि वालों के कई मित्र ढोंगी व चालबाज होते है, जिनके जाल में यह लोग फंस कर अपना नुक्सान करा लेते है.
पैसा हाथ की मैल है, ऐसा यह सोचते है, पर सत्यता पर ये आदत से विवश होते है. पर्याप्त धन होने पर भी इनको अभाव रहता है. मनोरंजन, सैर सपाटा, मौज मस्ती, भोग व श्रृंगार प्रियता, दुष्ट मित्रों पर अधिक खर्च करते है. दया-ममता-आवेग भी इनको मजबूर करती है, खर्च करने के लिए..
इस राशि वाले लोग एक अच्छे वैद्य भी साबित हो सकते है. प्रशासनिक क्षेत्र के महत्वपूर्ण पदों पर भी अपना योगदान प्रदान करते है. यह एक अच्छे गणितज्ञ, साहित्य प्रेमी, वकील, जज, कलाकार, तार्किक परामर्शदाता भी हो सकते है. राजनीति के क्षेत्र में प्रसिद्धि अर्जित कर लेते है.
वृद्धावस्था में मानसिक परेशानियां व अनेक बीमारियों का सामना करना पड़ता है.
इस राशि वालों का भाग्य उदय:- 24वें वर्ष के बाद भाग्य उदय के सुंदर अवसर प्राप्त होते है. 33, 42, 51, 60, 69 एवं 78वां वर्ष अत्याधिक उन्नतिदायक होता है.
मित्र राशियां:- मेष, मिथुन, सिंह, तुला,
शत्रु राशि:- कर्क,
राशि रत्न:- पन्ना,
अनुकूल रंग:- हरा,
शुभ दिन:- बुधवार, रविवार, शुक्रवार,
अनुकूल देवता:- गणपति जी, सरस्वती देवी, मां दुर्गा देवी,
व्रत उपवास:- बुधवार,
अनुकूल अंक:- 5,
अनुकूल तारीखें:- 5, 14, 23,
व्यक्तित्व:- दोहरा व्यक्तित्व, विद्वान, आलोचक लेख,
सकारात्मक तथ्य:- निरन्तर क्रियाशीलता, व्यावहारिक ज्ञान,
नकारात्मक तथ्य:- बुराई ढूंढना, कलह प्रियता, अशुभ चिंतन,
राशि नाम अक्षर:- टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो,
पन्ना रत्न धारण करने से सुख शान्ति धन लाभ प्रदायक मौके पर हो जाते है. जीवन में सभी बाधाए दूर होने लगती है.